अब इमरजेंसी कोटे में नहीं होगी मनमानी! रेलवे का नया नियम आम यात्रियों के लिए राहत की खबर
भारतीय रेलवे ने इमरजेंसी कोटा नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए आम यात्रियों को राहत देने का बड़ा कदम उठाया है।
अब मेडिकल, वीआईपी और रेलवे कर्मचारियों के लिए आरक्षित सीटों के आवंटन में समयसीमा निर्धारित कर दी गई है, ताकि अंतिम समय की अफरातफरी और चार्ट बनने में देरी से वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को परेशान न होना पड़े।
रेल मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा सर्कुलर के मुताबिक, अब
ट्रेन के प्रस्थान से एक दिन पहले ही इमरजेंसी कोटा के अंतर्गत टिकट की मांग करनी होगी।
नए नियमों के मुताबिक समयसीमा:
सुबह 10:00 से दोपहर 1:00 बजे के बीच रवाना होने वाली ट्रेनों के लिए —
आवेदन यात्रा से एक दिन पहले दोपहर 12 बजे तक करना होगा।
👉 दोपहर 2:01 से रात 12:59 बजे तक रवाना होने वाली ट्रेनों के लिए —
आवेदन एक दिन पहले शाम 4 बजे तक जमा करना जरूरी होगा।
इस बदलाव का सीधा फायदा आम यात्रियों को मिलेगा, जो वेटिंग लिस्ट में रहते हैं और अक्सर VIP/स्टाफ कोटे के चलते टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता था।
छुट्टियों पर भी कड़ा नियम
मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि ट्रेन के दिन कोई इमरजेंसी कोटा अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। रविवार या किसी सार्वजनिक अवकाश के पहले, संबंधित दफ्तरों के बंद होने से पहले ही आवेदन देना जरूरी होगा।
क्यों लिया गया ये फैसला?
रेलवे बोर्ड के अनुसार, VIP, वरिष्ठ अधिकारी, और रेलवे स्टाफ से रोजाना भारी संख्या में इमरजेंसी कोटा के लिए अनुरोध आते हैं। कई बार ये आवेदन चार्ट बनने के तुरंत पहले तक भेजे जाते हैं, जिससे चार्ट में देरी होती है और यात्रियों की सीट तय नहीं हो पाती।
अब तय समयसीमा होने से चार्टिंग प्रक्रिया तेज़ होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
ये है आम यात्रियों की जीत!
ये बदलाव सिर्फ एक नियम नहीं — बल्कि लाखों यात्रियों की उम्मीदों की सुनवाई है। अब VIP कल्चर पर लगाम लगेगी, हर सीट की कीमत होगी, और हर मिनट का हिसाब रखा जाएगा।
रेलवे का ये कदम एक तरफ जहां सिस्टम में अनुशासन लाएगा, वहीं आम लोगों का भरोसा भी और मजबूत करेगा।